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Thursday, September 08, 2011

आखिर ज़िन्दगी क्या है

तन्हाई तन्हाई
दिल के रास्ते में कैसे टोकर मैंने खायी
टूटे कहाब सारे एक मायुं सी है छाई
हर ख़ुशी सो गयी, ज़िन्दगी खो गयी
तुमको जो प्यार किया मैंने तो सजा मैं पायी

कवाब में देखा था एक आँचल
मैंने अपने हाथों में
अब टूटे सपनों के शीशे चुब्ठे हें इन आँखों में
कल कोई था यहीं, अब कोई भी नहीं
बनके नागिन जैसे है सांसों में लहराई

क्यों ऐसी उम्मीद की मैंने
जो ऐसे ना काम हुई
दूर बनायीं थी मंजिल
थो रस्ते में ही शाम हुई
अब कहाँ जून मैं, किसको समझाउं मैं
क्या मैंने चाह था और क्या किस्मत में आई

कुछ गाने ऐसे हें जिसको पदथे वक़्त दिल का दर्पण जैसे लगता है....इस गाने में जो गहराई है, लगता है की लिकने वक़्त कवी ने पूरा मह्स्सोस करके लिखा हो..

Tuesday, June 09, 2009

उदार



किरण जब ऊपर पड्त्ती है
आहिस्ता आलस उतारकर खिलती हैं ये नन्हे कलियाँ
फ़िर मुस्कुराती हैं फूल बनके

अपने दैनिक जीवन की सोच थोडी भी नही है
चारों तरफ़ खुश्बू फैलाकर हमको खुशी दिलाती हैं
इस स्वार्थी दुनिया में एक दिन की खुशी देकर स्वर्गीय बन जाती हैं

क्या ये सारे फूल हरि के लिए हार बनती हैं ?
आपस में हर एक फूल तड्पती हैं
एक दिन की परियां , हरि के गले में जब चड्ती हैं, तब उनका जन्मदिन है
क्या इन सबको वो मौका मिलता है ?
फ़िर भी खिलती हैं, हिलती हैं , खुशृबू फैलाती हैं, मुर्झाती भी हैं


Wednesday, June 03, 2009

राह





राह में बटमार दूर निकलने लगे

तमन्ना पुरी होने जैसे लग रही थी

लेकिन राही की छाया डूबने लगा

तब महसूस हुआ कि राह का दीप बुजने लगा है




For hindi aspirants, the poem means:

"When the tough gets going, the going gets tough" and thats life and we need to face it.


Wednesday, May 27, 2009

जीवन का राज़




परियों की रानी बोलती है

दीवार में चुप चुप के जीवन का आध्यात्मिक राज़ बोलती है

जीवन में सब कुछ क्षण भंगुर है

कल की आयु आज के चैन में है

किसी ने पूछा नही, किसी ने सुना नही, किसी ने समझा नही

आख़िर अन्तिम साँस लपेटे हुए ऊपर का भी मेहमान बनके चलते हैं

आंखों में आँसू पोंछ्के वो फ़िर से बोलती है

आज एक अनमोल रत्न है

यही है जीवन का आध्यात्मिक

Wednesday, April 02, 2008

स्वागत हिन्दी

आज हमने पहली बार ट्रांस्लितेरेशन का लिंक देखा। अब हिन्दी मे लिखने की बारी है
जब भी मैं हिन्दी मे लिक्ति हूँ तब स्वतंत्रता महसूस करती हूँ। इसमे लिखने की सुविधा संतोष दिलाती है
बीच बीच में हमारी तरफ़ से हिन्दी में भी सुनेंगे आप।